आप सभी को नमस्कार ।एक बात है की आजकल हर कोई Short Cut में पड़ा हुआ है । और कैसा भी हो बस स्वाद चाहिए चाहे वो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो या हानिकारक इससे किसी को कोई सरोकार नहीं हैं।
आयुर्वेद में एक सिद्धांत है जिसे विरुद्ध आहार कहते है । और विरुद्ध आहार हमारे पेट में जहर बनाने का कार्य करता हैं। आज के समय का बीमार और आलसी युवा इसी विरुद्ध आहार का परिणाम हैं। सीधी सी बात है कि जो चीज प्रकृति के नियमों की विरुद्ध है वो आपके लिए लाभदायक कैसे हो सकती है । इसलिए प्रकृति ने हर चीज के लिए नीति और नियम निर्धारित किया हुआ है । आजकल का युवा क्या करता है कि फटाफट खाने के लिए या तो यूट्यूब का सहारा लेगा या रील्स का । फिर परिणाम हम सबके सामने है । आजकल जो 20 साल के लड़के जो ह्रदय आघात का शिकार हो रहे है ,वो सब इसी का परिणाम हैं। विरुद्ध आहार की सूची में ब्लॉग पर मैने डाली हुई हैं। खाने को खाना महत्वपूर्ण नही हैं,महत्वपूर्ण है खाने को पचाना और बिना पचे हुए (अपसिष्ट) भोजन को शरीर से बाहर निकालना क्युकी अगर अपशिष्ट भोजन शरीर से बाहर नहीं निकलेगा तो शरीर मे रहकर सड़ेगा और कचरा बनाएगा और यही कचरा हमे अलग अलग प्रकार के बीमारियां देता है ।
बाई आप सब समझदार है ।
धन्यवाद
हेमन्त कुमार शर्मा
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