🌼 *प्रसूता का भोजन (हरीरा) बनाना* 🌼
*सामग्री*:
गुड़ 200 ग्राम
सोंठ 1 चम्मच
अजवाइन 1/2 चम्मच
हल्दी 1 चम्मच
जीरा 1 चम्मच
पिप्पली 1/2 चम्मच
गोंद 1 चम्मच
सतावर चूर्ण 1 चम्मच
सरसों तेल 2 से 3 चम्मच
देशी घी 4 चम्मच
बादाम बारीक़ कटा हुआ 1/2 चम्मच
छोटी इलायची 4 पीस पिसी हुई
इसके अलावा जो मेवा मिलाना चाहें उसे बारीक़ काट लें।
*विधि:*
गोंद, सोंठ, पिप्पली को देशी घी में भून कर बारीक़ पीस लें।
गुड़ को एक बर्तन में गुड़ की मात्रा के बराबर पानी डाल कर आग पर गर्म करके गुड़ पिघला लें, स्टील जाली की छ्लनी में छान लीजिये.
कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये, जीरा पाउडर. हल्दी पाउडर, अजवायन पाउडर सहित सभी सामग्री डालिये, हल्का महक आने तक भूनिये. कटे हुये मेवा डालिये और 1-2 मिनिट लगातार चलाते हुये एकदम धीमी गैस पर भून लीजिये. इस भुने मसाले में गुड़ के घोल को डालिये, और उबाल आने के बाद 3-4 मिनिट तक पकने दीजिये या इतना गाढ़ा होने तक पकने दीजिये कि हरीरा को उंगली पर चिपका कर देखें तो वह उंगली पर चिपकना चाहिये, इसमें 2 से 3 चम्मच सरसों का तेल मिला कर पकाएं।
ये इतना स्वादिष्ट होता है कि घर के बाकी सदस्य भी इसका स्वाद ले सकते हैं।
यह गरमा गरम हरीरा प्रसूता यानि नई मां एक बार में आधा कटोरी खाने के लिये दीजिये,
*इसे फ्रिज में स्टोर करके रख सकते हैं लेकिन खिलाने के समय इसे गर्म करके ही दिया जाना चाहिए।*
बच्चे के जन्म के बाद, 20 से 25 दिन तक यह हरीरा, इतनी ही मात्रा में रोजाना 2-3 बार खाने को दीजिये, ये गर्भाशय की सफाई कर देगा, पेट बाहर नही निकलने देगा, दूध में वृद्धि करेगा, नवजात शिशु को होने वाली साधारण बिमारियों सर्दी जुक़ाम बुखार से बचाता है, साथ ही साथ प्रसव के दौरान आने वाली कमजोरी को दूर करके उसको स्वस्थ्य होने में मदद करेगा।
।। जय श्री हरि ।।
✍ भगवान सिंह भदौरिया
☎ 9335980992
*सामग्री*:
गुड़ 200 ग्राम
सोंठ 1 चम्मच
अजवाइन 1/2 चम्मच
हल्दी 1 चम्मच
जीरा 1 चम्मच
पिप्पली 1/2 चम्मच
गोंद 1 चम्मच
सतावर चूर्ण 1 चम्मच
सरसों तेल 2 से 3 चम्मच
देशी घी 4 चम्मच
बादाम बारीक़ कटा हुआ 1/2 चम्मच
छोटी इलायची 4 पीस पिसी हुई
इसके अलावा जो मेवा मिलाना चाहें उसे बारीक़ काट लें।
*विधि:*
गोंद, सोंठ, पिप्पली को देशी घी में भून कर बारीक़ पीस लें।
गुड़ को एक बर्तन में गुड़ की मात्रा के बराबर पानी डाल कर आग पर गर्म करके गुड़ पिघला लें, स्टील जाली की छ्लनी में छान लीजिये.
कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये, जीरा पाउडर. हल्दी पाउडर, अजवायन पाउडर सहित सभी सामग्री डालिये, हल्का महक आने तक भूनिये. कटे हुये मेवा डालिये और 1-2 मिनिट लगातार चलाते हुये एकदम धीमी गैस पर भून लीजिये. इस भुने मसाले में गुड़ के घोल को डालिये, और उबाल आने के बाद 3-4 मिनिट तक पकने दीजिये या इतना गाढ़ा होने तक पकने दीजिये कि हरीरा को उंगली पर चिपका कर देखें तो वह उंगली पर चिपकना चाहिये, इसमें 2 से 3 चम्मच सरसों का तेल मिला कर पकाएं।
ये इतना स्वादिष्ट होता है कि घर के बाकी सदस्य भी इसका स्वाद ले सकते हैं।
यह गरमा गरम हरीरा प्रसूता यानि नई मां एक बार में आधा कटोरी खाने के लिये दीजिये,
*इसे फ्रिज में स्टोर करके रख सकते हैं लेकिन खिलाने के समय इसे गर्म करके ही दिया जाना चाहिए।*
बच्चे के जन्म के बाद, 20 से 25 दिन तक यह हरीरा, इतनी ही मात्रा में रोजाना 2-3 बार खाने को दीजिये, ये गर्भाशय की सफाई कर देगा, पेट बाहर नही निकलने देगा, दूध में वृद्धि करेगा, नवजात शिशु को होने वाली साधारण बिमारियों सर्दी जुक़ाम बुखार से बचाता है, साथ ही साथ प्रसव के दौरान आने वाली कमजोरी को दूर करके उसको स्वस्थ्य होने में मदद करेगा।
।। जय श्री हरि ।।
✍ भगवान सिंह भदौरिया
☎ 9335980992
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